गुरूवार, जून 10, 2021
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Computer Virus क्या है, इनका इतिहास ? पूरी जानकारी।

Computer Virus क्या है (What is Computer virus in Hindi) , इनका इतिहास और इनसे क्या क्या नुकसान हो सकते है और साथ ही इसके बचाव की भी बात करेंगे।

दोस्तों अपने कभी न कभी ये जरूर सुना होगा की कम्प्यूटर में अगर वायरस आजाए तो वो पुरे कंप्यूटर के डाटा को बेकार (Encrypted) या डिलीट करने के साथ साथ कंप्यूटर हार्डवेयर तक पर असर डाल सकता है।

Computer Virus क्या है ?
Computer Virus

Computer Virus क्या है ? (Definition)

कंप्यूटर वायरस एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो अपने आप को Duplicate करने में सक्षम है और साथ ही user की Permission के बिना उसके कंप्यूटर को Infect कर सकता है।

अलग अलग तरह के Malware और Adware प्रोग्राम को भी वायरस की श्रेणी में रखा जाता है। लेकिन कभी कभी ये वायरस नहीं होते।

कंप्यूटर वायरस एक तरह का Biological Virus (Like Corona Virus or Covid 19) की तरह ही है जो अपने आप को Duplicate करने के साथ साथ एक से दूसरे में फैलता है।

यह वायरस भी एक से दूसरे कंप्यूटर में बहुत तेज़ी के साथ फैलता है और इसी को Virus Attack भी कहते है।

आपने हाल फिलाल में वायरस अटैक की खबर भी सुनी होगी , जब पूरी दुनिया में Ransomware Attack हुआ था, और हैकर ने उसके बदले Bitcoin की मांग की थी।

Computer Virus का इतिहास (History)

दुनिया का सबसे पहला वायरस (क्रीपर) 1970 के दशक में ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) पर खोजा गया।

यह TENEX ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिये फैला और ये किसी भी Modem का इस्तमाल कर सकता था।

क्रीपर वायरस की टैग लाइन थी “I’m the creeper: catch me if you can”.

कुछ लोगो का ये भी मानना था की Rother J, दुनिया का पहला वायरस था। बाद में ये दावा पूरी तरह से गलत पाया गया।

लेकिन Rother J दुनिया का पहला Home Computers को इन्फेक्ट करने वाला वायरस था।

पाया गया की शुरुआत के दिनों में ये वायरस Removable Media में फ़ैल गए , खासतौर पे Floppy में।

शुरुआती वायरस ने अपने आपको Floppy के Boot Sector में इनस्टॉल कर लिया। क्युकी पहले सभी data Floppy के जरिये ही अदन प्रदान होता था।

यह भी जाने :   10 best Pen Drive Bootable tools for Windows OS [पूरी जानकारी]

इसलिए जाने अनजाने जब भी user Floppy अपने कंप्यूटर में Insert करता था तो उसके कंप्यूटर में वायरस आजाता था।

1990 तक Macro वायरस बहुत ही Common हो गए थे ,जिनमे ज्यादातर वायरस MS Word , Excel में लिखे गए थे।

और Word , Excel Apple के Mac ऑपरेटिंग सिस्टम में इस्तमाल होते थे जिस कारन Mac ऑपरेटिंग सिस्टम इससे काफी बुरी तरह प्रभाभित हुआ।

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ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ?

Carrier and Host

Computer Virus अलग अलग तरह के Transmission मीडिया को Target कर सकता है जैसे

  • Executable File: Like COM, EXE, ELF (on linux) etc
  • Floppy Disk: Volume boot Sector
  • MBR (Master Boot Recorder) of Hard Disk
  • Common Script File : like Batch (.bat) , VBScprit (.vbs) or Shell Script
  • Document Macro : MS-word, Ms-Excel, MS-Access etc.

और भी ऐसे सभी मीडिया (PDF, MP3, MP4 इत्यादि) को कंप्यूटर वायरस Target बनाने में शक्षम है।

Computer Virus के पता लगाने और बचने के तरीके

User की नज़र से बचने के लिए वायरस अपनी Properties में बदलाव ले आता है ताकि उसे पहचाना न जा सके।

हलाकि उसका ये Property में बदलाव Anti Virus सॉफ्टवेयर को धोका नहीं दे सकता।

मगर जिनके कंप्यूटर में Anti Virus नहीं है उन्हें काफी नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार वायरस Anti Virus पर भी भारी पड़ जाते है।

Computer Virus से बचने के लिए जरुरी है कुछ बातो का ध्यान रखा जाए।

Bat Files और दूसरी तरह के undesirable Host को Avoid करना।

यहां हमे एक बात समझनी होगी की वायरस फैलने के लिए Host का Infect होना बहुत जरुरी है।

जैसा की अपने सुना होगा “लोहे को लोहा काटता है या जहर को जहर मरता है” , ठीक वैसे ही वायरस को मरने के लिए बहुत सारे Anti Virus Professionals अलग तरह की वायरस File का इस्तमाल करते है।

इस तरह की Files (.bat or other) को अलग कारन के लिए बनाया जाता है और ये सब वायरस का पता लगाने में सक्षम होती है।

  • BAT files का इस्तमाल करके Anti-virus professionals वायरस का Sample ले सकते है।
  • BAT files का इस्तमाल करके Anti-virus professionals वायरस के Behavior और साथ ही साथ उसके Evaluation को भी पहचानते है।
यह भी जाने :   क्या आप जानते हैं कि Data Science क्या है?-2020

Theft of Virus

कुछ वायरस OS से कुछ Permission की Request करके anti-virus को धोखा देने की साजिश करते है।

क्युकी anti-virus सॉफ्टवेयर OS से Files को Read & Write की परमिशन मांगते है , लेकिन ये Request वायरस के पास चली जाती है।
और इस तरह एक वायरस अपने आप को Hide कर लेता है।

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लेकिन अब जो Latest Anti-Virus सॉफ्टवेयर आ रहे है उन्हें Virus की इस Trick का पहले से पता होता है।

Self modification

ज्यादा तर anti-virus programs वायरस के pattern को पता लगाने की कोसिस करते है और इसे ही “signature of so-called viruses” कहा जाता है।

Signature एक figurative byte pattern है , जो वायरस या वायरस की Family का पता लगता है।

जैसे जैसे एंटी वायरस Advance हो रहे है वैसे वैसे वायरस भी Advance हो रहे है।

कुछ वायरस अपने Signature को hide करने के लिए तकनीक का इस्तमाल करते है ,
जिसके जरिये वो हर फाइल को अलग तरह के वायरस की Species से Infect करता है जिससे उसका signature समझना बहुत मुश्किल हो जाता है।

Encryption

सबसे ज्यादा Advance तरीका है वायरस को Encrypt करने का Simple Encryption का इस्तमाल करना।

अगर वायरस हर Infected file के लिए एक अलग key से Encrypted है तो जो Static part रह जाएगा वो वायरस ही होगा।

हलाकि इस तकनीक से Signature का पता नहीं लगाया जा सकता लेकिन वायरस का पता लगाया जा सकता है।

last Virus को decode करना वैसे तो Possible होता है पर उसकी जरूरत नहीं होती।
चुकी Self Modification कोड इतना rare है की इसके कारन वायरस स्कैनर Suspected File का पता लगा सकता है।

क्युकी यह एक suspicious code है जो अपने आप को modifies करता है

इसलिए कई वायरस परिभाषाओं में Encryption / Decryption signature का एक part हो सकता है।

Polymorphic code

दोस्तों Polymorphic code, ये पहेली technique थी जो virus Scanner के लिए बड़ा खतरा बनी।

polymorphic virus files को उसके Encrypted कोड से infect करता था, जो decryption module के जरिये decode कर दिए जाता है

Anti-virus software इसको Detect करने के लिए, वायरस को decrypting के द्वारा पता लगा सकते है
या फिर वायरस की body के statistical replication analysis द्वारा पता लगा सकते है।

Converted code

अपने आप को Simulation में detect होने से बचाने के लिए कुछ वायरस अपने आप को Re-Write कर लेते है,
जब भी वो किसी Executable File पर हमला करते है।
जो वायरस इस तरह की तकनीक का इस्तमाल करते है उन्हें metamorphic कहा जाता है।

एक transform वायरस बहुत ज्यादा Large और Complex हो सकता है।

Vulnerability and measuring characteristics

वायरस के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम की Vulnerability

दोस्तों जिस तरह से Population में genetic diversity के कम होने के कारन Single Disease की समभावना कम हो जाती है ,
ठीक वैसे ही नेटवर्क में सॉफ्टवेयर की Diversity भी वायरस के विनाशकारी प्रभाव को कम कर देती है।

यह भी जाने :   How to install python in computer ? Hindi-2020

1990 में, माइक्रोसॉफ्ट के OS और Office Suites के users विशेष रूप से वायरस के spread के लिए vulnerable थे।

Recovery methods

दोस्तों एक बार अगर कंप्यूटर में वायरस का हमला हो जाए तो Infected Operating System का इस्तमाल करना पूरी तरह से Secure नहीं रहता।
फिर चाहे आप कितने भी Anti-Virus या दूसरे वायरस Removal सॉफ्टवेयर इस्तमाल को कर लो।

इसलिए अगर सिस्टम वायरस से Infected है तो Better है उसे Full Format करके, उसमे Fresh ऑपरेटिंग सिस्टम install किया जाए।

हमारे पास कुछ Effected Method है वायरस हटाने के लिए।

  • Change in Operating System
  • Restore Point
  • Anti Virus Software

Change Operating System

ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे चेंज करे इस पर मई पर मैं पहले ही Article लिख चूका हु,
आप निचे दिए हुए लिंक पर click करके पढ़ सकते है।

कंप्यूटर में Windows (ऑपरेटिंग सिस्टम) कैसे इनस्टॉल करे ?

Restore Point

अगर आप Windows Me, Windows XP, Windows Vista or Windows 7 का इस्तमाल करते है,
तो आसिस्टम आपको इन ऑपरेटिंग सिस्टम में पहले से ही System Restore सॉफ्टवेर मिल जाएगा।

लेकिन अगर आप कोई दूसरा OS इस्तमाल कर रहे है तो आप गूगल से कोई भी Third Party App डाउनलोड कर सकते है।

Summary

दोस्तों आज हमने –

  • Computer Virus क्या है ? (Definition)
  • Computer Virus का इतिहास (History)
  • Carrier and Host
  • Computer Virus के पता लगाने और बचने के तरीके
  • Vulnerability and measuring characteristics

ये सब समझा है।

दोस्तों यहां हमे एक बात तो समझ आती है की जबसे Computer Technology का विकास हुआ वैसे वैसे ही वायरस भी Smart होते गए।

अगर आप ध्यान दे दुनिया में जितनी advance technology है उतने ही एडवांस हैकर भी है जो वायरस को बनाते है।

ये एक तरह से बीमारी की तरह है, जितनी तरह की दवाई उतनी तरह की बीमारी।

यह भी जाने :   10 best Pen Drive Bootable tools for Windows OS [पूरी जानकारी]

दोस्तों आपको ये पूरा Article कैसा लगा जरूर बताना।
अगर फिर भी आपके मन में कोई सवाल है तो आप निचे कमेन्ट सेक्शन में पूछ सकते है।

और हाँ दोस्तों अगर आपको कोई दूसरा वायरस से बचने का सटीक तरीका पता है,
तो वो भी जरूर बताना ताकि और लोगो को मदद मिले।

आइये हमारे साथ हमारे mission में जुड़िए और इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि उन्हें भी कुछ नया Technical सिखने को मिले।

Abhimanyu Vaishnavhttps://qualitybaba.com/
Abhimanyu Vaishnav 2015 से कंप्यूटर साइंस टीचर हैं, वह मार्केटिंग, सेल्स एक्सपर्ट है और साथ ही डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉग्गिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में उनकी अच्छी पकड़ है। अभिमन्यु का लक्ष्य सभी को आसान भाषा में तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है ।
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